पॉर्न खत्‍म कर सकता है सेेक्‍स लाइफ

लवगुरू । स्‍मार्टफोन के इस दौर में सबसे आसानी सेे मिलनें वाली एक चीज है पॉर्न । कल तक सिर्फ चोरी छिपे चलनें वाला पॉर्न आज आम हो गया है। चाहेें लडका हो या लडकी आज केे दौर में लगभग 75 प्रतिशत युुवा पॉर्न का दीवाना हैं। पॉर्न का इस कदर आम होना खतरे से खाली नही हैैं यही वजह है कि आज पॉर्न पर लिखना बहुत जरूरी हो गया है। इसके साथ ही सेक्‍स ऐजुकेशन पर भी खासा ध्‍यान देना होगा। अगर आप  भी पॉर्न केे आदी हो तो ये लेख आपके लिये ही हैं।
हाल ही में हुये एक शोध के मुताबिक पॉर्न फिल्‍मों में दिखाया जानें वाला सेक्‍स युवाओं के दिमाग पर काफी असर करता हैै । पॉर्न वीडियों में सेक्‍स के जिस स्‍तर को दिखाया जाता है युुवा उसी स्‍तर पर अनुभूति प्राप्‍त करते हैं। पॉर्न फिल्‍मों में दिखाई जानें वाली मॉडल्‍स का फिगर, उसकी कामुकता व सेक्‍स करनें का अन्‍दाज निममित पॉर्न देखनें वालों के दिमाग में घर कर जाता है । फिर वे वही पॉजीशन पर सेक्‍स करनें की उम्‍मीद करतें हैं जिसे पॉर्न फिल्‍मों में दिखाया जाता है। पार्टनर के उन उम्‍मीदों पर खरा न उतरनें या फिर उन पोजीशन पर मनचाहा आनन्‍द न मिलनें पर सेक्‍स लाइफ मेें समस्‍या पैदा हो जातें हैं जिसका प्रभाव उनके रिलेशन पर भी पडता हैै । पॉर्न में सेक्‍स को बहुत आसान दिखातें हैं जिससे युवाओं में भी वेेसे ही करनें की ललक रहती हैं। लेकिन सन्‍तुष्टि नही मिलते पर वह बैचेन रहते हैैं और धीरे धीरे सेक्‍स लाइफ खत्‍म हो जाती हैै या फिर वे अपनें पार्टनर केे अलावा किसी अन्‍य से सेक्‍स की उम्‍मीद रखनें लगते हैं। 



ज्‍यादातर लडकों में पॉर्न देखकर सेक्‍स की भूख बढ जाती है। असल जिन्‍दगी मेें सेक्‍स से भावनात्‍मक जुुडाव होता है। लेकिन पॉर्न फिल्‍मों की तरह सेक्‍स करनें की चाह में रिश्‍तों मेे दूूरियॉ उत्‍पन्‍न हो जाती हैैं । सेक्‍स लाइफ के लिये बेहद जरूरी हैै लेकिन इस मर्यादा में रहकर करना ही उचित होगा। 

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